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विद्यार्थियों को रटने नहीं समझने, तर्क करने पर देना होगा जोर 11 वीं, 12 वीं के संतुलित प्रश्न-पत्र संग्रह तैयार

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राज्य शिक्षा संस्थान के प्राचार्य ने यूपी बोर्ड के सचिव को सौपा 

प्रमाणों एवं स्रोतों का विश्लेषण करने, विभिन्न दृष्टिकोणों की तुलना करने तथा  विचारों को तर्क सहित प्रस्तुत करना होगा : प्राचार्य राजेन्द्र प्रताप

प्रयागराज। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) - 2020 तथा राष्ट्रीय आकलन केन्द्र परख के उद्देश्यों के अनुरूप विद्यार्थियों के समग्र, बहुआयामी एवं दक्षता-आधारित आकलन को सुनिश्चित करने की दिशा में समग्र शिक्षा, उत्तर प्रदेश की ओर से  11 वीं एवं 12 वीं कक्षा के इतिहास, नागरिक शास्त्र, भूगोल एवं अर्थशास्त्र विषयों के लिए "एनईपी-2020 एवं परख के परिप्रेक्ष्य में संतुलित प्रश्नपत्र निर्माण के लिए दिशा-निर्देश" तैयार हो गया है।


इस पहल का प्रमुख उद्देश्य प्रश्नपत्रों को केवल तथ्य एवं स्मृति - आधारित ना रखते हुए विद्यार्थियों की अवधारणात्मक समझ, विश्लेषणात्मक एवं आलोचनात्मक चिंतन, अनुप्रयोग, समस्या समाधान, तार्किक अभिव्यक्ति तथा उच्चतर चिंतन कौशल का आकलन करने योग्य बनाना है।

इन दिशा-निर्देशों के अनुक्रम में राज्य शिक्षा संस्थान उत्तर प्रदेश, प्रयागराज की ओर से पहली बार प्रश्नपत्र निर्माताओं को ऐसे प्रश्न तैयार करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया गया, जो विद्यार्थियों को रटने के स्थान पर समझने, तर्क करने, प्रमाणों एवं स्रोतों का विश्लेषण करने, विभिन्न दृष्टिकोणों की तुलना करने तथा अपने विचारों को तर्क सहित प्रस्तुत करने के अवसर प्रदान करें।

प्राचार्य राज्य शिक्षा संस्थान राजेन्द्र प्रताप ने  सचिव यूपी बोर्ड भगवती सिंह को आज संतुलित प्रश्न-पत्र संग्रह की एक प्रति भेंट किया। सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश, प्रयागराज ने इसके लिए राज्य शिक्षा संस्थान को धन्यवाद ज्ञापित किया है।

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